ई मित्र पर जल्द मिलेंगे रिस्ट बैंड: wristband covid जाने kya है। वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं

राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग ने इस नई सर्विस की शुरूआत की है. विभाग के आयुक्त संदेश नायक ने बताया कि इसके तहत हर शख्स को एक इम्यूनोबैंड (ब्रेसलेट) दिया जाएगा. 

Rajastahan Covid Vaccination रिस्ट बैंड : हवाई सफर से लेकर कई अस्पतालों में इलाज तक के लिए कोरोना वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट जरूरी हो गया है. इसके लिए लोगों को या तो सर्टिफिकेट का प्रिंट आउट साथ रखना होता है या फिर वे मोबाइल में उसे डाउनलोड करना पड़ता है. लेकिन अब इस समस्या का समाधान जल्द होगा. जल्द ही ई मित्र कियोस्को पर  हाथ में बांधने वाले इम्यूनोबैंड (Immuno band) मिलेगे जिसपर बार कोड स्कैन (bar code scan)होने के साथ वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट (vaccination certificate) की जानकारी भी होगी.

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राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग ने इस नई सर्विस की शुरूआत की है. विभाग के आयुक्त संदेश नायक ने बताया कि इसके तहत हर शख्स को एक इम्यूनोबैंड (ब्रेसलेट) दिया जाएगा. जिस पर एक क्यूआर कोड होगा. जिसे आप अपने हाथ की कलाई में पहन सकते हैं. जिसमें आपकी कोविड टीकाकरण की पहचान के साथ ही आपके हेल्थ की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी.

क्यूआर कोड को स्कैन करने पर सर्टिफिकेट दिख जाएगा. फिलहाल ये सर्विस अभी जयपुर में ही शुरू की गई है. जयपुर के बाद इसे राज्य के दूसरे शहरों में शुरू किया जाएगा.

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सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एसीपी उमेश जोशी ने बताया कि ब्रेसलेट जयपुर शहर में जल्द ही ई-मित्र केन्द्रों पर मिलेगा. इन ई-मित्रों पर ये ब्रेसलेट 180 रुपए में मिलेगा. वहीं से इन ब्रेसलेट को ई-मित्र पर ही एक्टिवेट किया जाएगा. हैण्डबेड को एक्टिवेट करने के लिए ई-मित्र कियोस्क संचालक को अपना कोविन एप पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बताना होगा. इस नंबर पर आए ओटीपी को कियोस्क संचालक को बताना है. इसके बाद वैक्सीन सर्टिफिकेट में दर्ज बैनीफिशरी नंबर ई- मित्र कियोस्क को बतानी है. इसके बाद डेट ऑफ बर्थ बताकर अपनी फोटो कैप्चर करवानी होगी. इस प्रक्रिया के बाद आपका इम्यूनोबैंड एक्टिवेट हो जाएगा. किसी भी सार्वजनिक स्थान जैसे कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और यात्रा एवं व्यापार के दौरान कहीं पर भी जाने पर कोरोना वैक्सीन के बड़े से सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी रखने की आवश्यकता नहीं होगी. आपकी हेल्थ की पूरी जानकारी हाथ में पहने हुए ईमूनोबैंड में होगी. ये बैंड कोविन एप से भी लिंक होगा.

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बहरहाल, ईमूनोबैंड को हाथ की कलाई में पहना जाता है. जिस पर एक क्यूआर कोड प्रिंट रहता है. इसमें क्यूआर कोड तकनीकी का उपयोग किया जाता है. क्यूआर कोड का पूरा नाम ‘क्विक रेस्पॉन्स कोड’होता है. क्यूआर कोड एक ऐसा पैटर्न होता है. जिसमें किसी व्यक्ति और वस्तु की जानकारी छुपी हुई रहती है. इसको स्कैन करके इसमें छुपी जानकारी का पता लगाया जाता है. क्यूआर कोड को स्कैन करने भर से व्यक्ति की कोविन एप पर उपलब्ध सम्पूर्ण जानकारी जैसे कोरोना टीकाकरण की जानकारी, वैक्सीन की फर्स्ट डोज, सैकंड डोज, बूस्टर डोज, कोविड वैक्सीन का सर्टिफिकेट समेत पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। जिसे क्यूआर कोड के साथ मेप कर दिया जाता है. 

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