फूलडोल महोत्सव:पालीवाल समाज जुटा, प्रभु के विग्रह रूप को डोल में बैठाया,धूमधाम से मनाया फूलडोल महोत्सव 

फूलडोल महोत्सव: गांव के युवा, बच्चे और बुजुर्गों ने दूल्हे की तरह सज धजकर नृत्य किया। पारंपरिक नृत्य में भाग लेने के लिए प्रवासी ग्रामीण भी बड़ा भाणुजा पहुंचे।

फूलडोल महोत्सव 2022: जाने इस महोत्सव की खास बातें

नाथद्वारा से 25 किमी दूर बड़ा भाणुजा में होली के दूसरे दिन फूलडोल महोत्सव मनाया गया। 44 श्रेणी पालीवाल समाज की हुए इस कार्यक्रम को देखने लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। गांव के युवा, बच्चे और बुजुर्गों ने दूल्हे की तरह सज धजकर नृत्य किया। पारंपरिक नृत्य में भाग लेने के लिए प्रवासी ग्रामीण भी बड़ा भाणुजा पहुंचे।

बड़ा भाणुजा में 44 श्रेणी पालीवाल समाज के आराध्य प्रभु श्रीलक्ष्मीनारायणजी को विशेष शृंगार में सजाया गया। प्रभु के विग्रह रुप को सजा धजाकर डोल में विराजित किया गया। डोल को मंदिर चौक में रखा गया। पालीवाल समाज के युवा,

फूलडोल महोत्सव

बच्चे और ग्रामीणों परांपरिक वेशभूषा में सजकर मंदिर पहुंचे। धोती, कुर्ता, सिर पर दूल्हे की पाग, किंलगी आदि लगाई गई। करीब 200 से अधिक लोग दूल्हे की वेशभूषा में सजे। यह परांपरा गांव में करीब 800 सालों से निभाई जा रही है। महोत्सव में भाग लेने के लिए गांव के प्रवासी जो सालभर मुंबई आदि स्थानों पर व्यापार करने जाते हैं, वह भी यहां पहुंचे।

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ढोल और मादल की थाप पर नृत्य
पालीवाल समाज के लोगों ने ढोल और मादल की थाप पर नृत्य किया। फूल डोल महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला पुरुष मौजूद थे। ग्रामीण कोरोना के कारण 2 साल बाद हुए कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साहित नजर आए।

 

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