शहीद श्री जगदीश सिंह प्रतिमा अनावरण समारोह 27 मार्च चावंडिया में आयोजित किया जायेगा

शहीद श्री जगदीश सिंह: ग्रामदानी ग्राम चावंडिया में शहीद श्री जगदीश सिंह प्रतिमा का अनावरण समारोह 27 मार्च को रखा गया है

शहीद कभी मरते नहीं हैं बल्कि वे अमर हो जाते हैं और कालान्तर तक दूसरों के लिए एक प्रेरणा श्रोत बन जाते हैं।

शहीद श्री जगदीश सिंह चावण्डिया

मकराना: तहसील के गाव चावण्डिया में शहीद श्री जगदीश सिंह प्रतिमा अनावरण समारोह 27 मार्च को आयोजित होगा, जिसमे सभी मकराना के आस पास के लोगो को ज्यादा से ज्यादा पधार कर जगदीश सिंह प्रतिमा का अनावरण समारोह की शोभा बढ़ानी है।

शहीद श्री जगदीश सिंह चावण्डिया कौन है?

आप सभी को बता दु की शहीद श्री जगदीश सिंह मकराना तहसील के छोटे से गाव चावण्डिया के रहने वाले थे जिन्होंने भारत पाक युद्ध मे अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया था

शहीद श्री जगदीश सिंह प्रतिमा

राइफलमैन शहीद जगदीश सिंह का जन्म 1 मई 1950 को ग्राम चावंडिया ,तहसील मकराना जिला नागौर में श्री बिशन सिंह जी दादोसा ,श्री गणपत सिंह जी (पिताश्री) एवं श्रीमति सुगन कंवर (माताश्री) परिवार में हुआ गांव के कठिन व असहनीय वातावरण में पलकर, अपना बचपन खेतो में परिवार जनों की प्राथमिक आवश्यकता में मदद करते हुवे अपने आप मे सैनिक समताये पनपाई तथा उठती जवानी के शिखर में 1 मई 1968 को सेना में भर्ती हो गए।

राजपूताना राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर दिल्ली कैंट में सफल सैनिक प्रशिक्षण प्राप्त करने पर उन्हें राजपूताना राइफल की 19वी बटालियन में नियुक्त किया गया ।

सेवाकाल के पहले 3 वर्षों के भीतर ही देश की पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर युद्ध के बादल मंडराने लगे। उनकी बटालियन को पूर्वी युद्ध में क्षेत्र में तत्कालीन पूर्व पाकिस्तान अब बांग्लादेश के विरोध लामबंदी के आदेश हुवे। बटालियन को अखोरा से बहानवरिया के रेलवे लाइन पर अग्रिम प्रहरी रहकर पुल के इलाकों ( आर. एम. 2551 के नजदीक) कब्जा करने का कार्य मिला।

चावण्डिया

बटालियन के पुल के कब्जे के हमले में राइफलमैन जगदीश सिंह D कंपनी की अग्रिम आक्रमण टोली में से थे जहां प्रत्येक बंकर को खाली करने के लिए गुथम_ गुथे की लड़ाई करनी पड़ी।

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इसी आक्रमण के दौरान दुश्मन की बीएमजी गोलियों की बौछार से राइफलमैन जगदीश सिंह गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दुश्मन पर बेनेट का प्रहार करते हुए लड़ते रहे

Note: आप सभी लोग जहाँ तक ये खबर जाती है सादर आमन्त्रित है, ज्यादा से ज्यादा प्रतिमा अनावरण समाहरोह में पधारे।

तदोपरांत राइफलमैन जगदीश सिंह ने जख्मों के वशीभूत हो अपनी रेजिमेंट की सर्वोच्च गौरवशाली परंपराओं को निभाते हुए अपने प्राण निछावर कर दिए।

राइफलमैन जगदीश सिंह चावण्डिया जैसे शूरवीर की वीरता और बलिदानों के फलस्वरूप की हिंदुस्तानी फौज पूर्व पाकिस्तान को अलग-थलग कर सकी और एक नया देश बांग्लादेश को जन्म दिया

समाहरोह की सम्पूर्ण जानकारी आपको चावण्डिया ग्राम के यूट्यूब चैनल पर मिलेगी। आप सभी चैनल जॉइन कर ले

 

 

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